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विश्वकर्मा द्वार के अस्तित्व को मिटाने की साजिश से समाज आक्रोशित:अशोक विश्वकर्मा

विश्वकर्मा द्वार के अस्तित्व को मिटाने की साजिश से समाज आक्रोशित:अशोक विश्वकर्मा


वाराणसी 22 फरवरी। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने आज जारी एक विज्ञप्ति मे कानपुर शहर के प्रवेश द्वार पर स्थित भगवान विश्वकर्मा द्वार के अस्तित्व को कानपुर नगर निगम द्वारा मिटाने की साजिश  किए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा है कि लखनऊ से  कानपुर शहर में प्रवेश करते समय गंगा पार सीमा पर स्थित“भगवान विश्वकर्मा के सम्मान व स्मृति में निर्मित भगवान विश्वकर्मा प्रवेश द्वार”को काला पेंट लगाकर उसके अस्तित्व को मिटाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। जिससे प्रदेश भर के करोड़ों विश्वकर्मा वंशियोंं में जबरदस्त आक्रोश एवं उबाल है ।

उन्होंन बताया कि यह प्रवेश द्वार लगभग बीस वर्ष पूर्व कानपुर नगर निगम द्वारा बनवाया गया था। कानपुर नगर निगम की वर्तमान मेयर (द्वार के निर्माण के समय पार्षद थीं) भाजपा मेयर प्रमिला पाण्डेय का कहना है कि द्वार का निर्माण नगर निगम की संस्तुति के बिना हुआ था। जबकि तत्कालीन मुख्य नगर अधिकारी जे0एन0 विश्वकर्मा का कहना है कि द्वार का प्रस्ताव तत्कालीन नगर निगम बोर्ड की मीटिंग में स्वीकृत होने के बाद कराया गया था। उन्होंने कहा कि भाजपा मेयर द्वारा भगवान विश्वकर्मा प्रवेश द्वार के अस्तित्व को मिटाने का षड्यंत्र किया जाना भेदभाव पूर्ण एवं कुत्सित मानसिकता का द्योतक है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि प्रवेश द्वार  के पुराने स्वरूप को स्थापित नहीं किया जाता तो आने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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