सोनभद्र-लिमिटेड कम्पनियों के आपसी विवाद में मजदूर शोषण के हो रहे शिकार
- विवाद में पीस रहे निर्दोष मजदूर एनटीपीसी ने पूरे विवाद से झाड़ा पल्ला, यूपीपीएल मजदूरों के प्लांट में प्रवेश पर रोक
मनोज कुमार सोनी /उमेश सागर/शक्तिनगर/सोनभद्र। एनटीपीसी शक्तिनगर में संविदा पर कार्य कर रही भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड व यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड में बिल को लेकर आपसी विवाद के कारण यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड के मजदूर शोषण का शिकार हो रहे हैं।
बुधवार सुबह जब मजदूर कार्य करने के लिए प्लांट गेट पर पहुंचे तो बिना किसी पूर्व सूचना के सीआईएसफ जवानों द्वारा यूपीपीएल के सभी मजदूरों को प्लांट में प्रवेश से रोक दिया गया और बताया गया कि ऊपर से आदेश है कि किसी भी मजदूर की इंट्री ना किया जाए। प्लांट में प्रवेश से रोके जाने से नाराज मजदूर गेट के सामने नारेबाजी करते रहे परंतु कोई भी अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा। यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड के मजदूर थक हार कर अपनी आपबीती सुनाने शक्तिनगर थाना पहुंचे।
यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड के मजदूरों ने बताया कि पिछले 3 महीने से कंपनी द्वारा बिना भुगतान के ही कार्य कराया जा रहा है और भुगतान मांगने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है। वहीं यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड व भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड के अधिकारियों ने मजदूरों के मेहनताना भुगतान पर एक दूसरे पर ठीकरा फोड़ते दिखे।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड अधिकारी हेमंत सुंडी ने बताया कि यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड को कार्य के अनुसार पूरा भुगतान किया जा चुका है। मजदूरों को मेहनताना भुगतान करने की जिम्मेदारी यूनिफाइड पावर की है। वहीं यूनिफाइड पावर प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी जावेद ने बताया कि बीएचईएल द्वारा बिल रोके जाने के कारण हम मजदूरों का मेहनताना देने में असमर्थ हैं।
एनटीपीसी अधिकारी हरि ओम ने बताया कि पूरे विवाद से एनटीपीसी का कोई लेना देना नहीं है। एनटीपीसी द्वारा बीएचईएल को भुगतान के लिए लेटर जारी किया जा चुका है।
एनटीपीसी जनसंपर्क अधिकारी आदेश पांडे ने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि इस प्रकरण से एनटीपीसी का कोई लेना देना नहीं है।

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