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इंसान ठान ले तो दुनिया का कोई काम असंभव नहीं:- ब्लड डोनर दिलीप

इंसान ठान ले तो दुनिया का कोई काम असंभव नहीं:- ब्लड डोनर दिलीप

(आबिदा उर्फ जूही खान ) 

(आबिदा उर्फ जूही खान )

रेणुकूट सोनभद्र- सही सही कहा जाता है अगर इंसान ठान ले तो दुनिया का कोई भी काम असंभव नहीं है और इसे चरितार्थ किया नगर स्थित चाचा कॉलोनी के युवा मनीष गुप्ता ने  चाचा कॉलोनी निवासी दिनेश माझी की एक दुर्घटना में पैर टूट गया था परिजन द्वारा पड़ोसी राज्य झारखंड के डाल्टनगंज में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अरुण शुक्ला के यहां इलाज कराया काफी पैसा लगने के बाद भी मरीज ठीक नहीं हुआ पैसे के अभाव के कारण परिजन मरीज को लेकर रेनुकूट आ गए!

कुछ दिन बाद घाव से गंध आने लगी  मुहल्ले में चर्चा होने लगी की पैर काटना न पड़ जाय इसकी जानकारी  चाचा कॉलोनी के सभासद विनोद सरोज द्वारा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निशा सिंह को कराया गया अध्यक्ष द्वारा तत्काल प्रयास एक मुहीम जिंदगी बचाने की संस्था के सचिव दिलीप दुबे से संपर्क कर इसकी जानकारी दी और वाराणसी में सुलभ व अच्छे इलाज हो सके इसके लिए  जानकारी मांगी बातचीत के दौरान यह भी पता चला कि मरीज के पास आयुष्मान कार्ड है जिसके द्वारा लगभग 500000 तक फ्री इलाज हो सकता है !


दुबे ने  वाराणसी के अपने साथी मनीष पांडे के सहयोग से वाराणसी के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं ओमेगा प्लस हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ कर्मराज सिंह से इस स्थिति को व्हाट्सएप द्वारा रिपोर्ट व कुछ फोटो भेजकर अवगत कराया उन्होंने मरीज को वाराणसी भेजने के लिए बोला अध्यक्ष निशा सिंह ने  पिपरी नगर पंचायत का एंबुलेंस उपलब्ध कराया और सभासद विनोद सरोज खुद मरीज के साथ वाराणसी जाकर हॉस्पिटल में एडमिट कराया लगभग दस दिनों से इलाज चल रहा है पहले से स्थिति बहुत बेहतर है आज उसी मरीज को दो यूनिट खून की जरूरत थी !

दुबे के प्रयास से के आर के संस्था द्वारा रक्त उपलब्ध हो रहा था लेकिन ब्लड बैंक जाने वाला कोई नहीं था इसी समस्या को देखते हुए चाचा कॉलोनी के युवा व्यवसायी मनीष गुप्ता ओमेगा प्लस हॉस्पिटल वाराणसी रेणुकूट से लगभग 150 किलोमीटर की दूरी तय कर गए और वहां से मरीज का डिमांड लेटर और ब्लड सैंपल लेकर पांडेपुर स्थित पंडित दीनदयाल ब्लड बैंक गए और अपने अनमोल रक्त का खुद एक यूनिट दान किए और दूसरा यूनिट दिलीप दुबे के द्वारा वाराणसी के रक्तदान ग्रुप काशी रक्तदान कुंभ समिति के संस्थापक सचिव राजेश गुप्ता से संपर्क कर दिलाया !


इतना महान समर्पण व सहयोग के लिए मनीष गुप्ता की नगर में चारों तरफ चर्चा हो रही है वही दिलीप दुबे ने कहा कि आज मरीज का जो इलाज हो रहा है उसका पूरा श्रेय निशा सिंह और विनोद सरोज का  तत्परता के कारण हुआ तथा वाराणसी के मनीष पांडे व राजेश गुप्ता को भी साधुवाद दिया इसीलिए कहा जाता है कि ना दिन ना रात ना मौसम देखा करते हैं हम रक्तदानी है बस हालात देखा करते हैं !

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