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सोनभद्र-वर्कर्स फ्रंट ने मजदूर अधिकार दिवस के तहत पिपरी डीएलसी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान,भेजा मांग पत्र

सोनभद्र-वर्कर्स फ्रंट ने मजदूर अधिकार दिवस के तहत पिपरी डीएलसी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान,भेजा मांग पत्र

- गुलामी के दस्तावेज है लेबर कोड - वर्कर्स फ्रं

- मजदूरों का अपमान है श्रमिक कल्याण दिवस

रेनूकूट, सोनभद्र, 24 मार्च 2021, काम के घंटे बारह करना, सामाजिक, आर्थिक व जीवन सुरक्षा के दायित्वों से प्रधान नियोक्ता को मुक्त करना, छटंनी की छूट देना, पचास से कम मजदूरों को रखने वाले ठेकेदारों को पंजीकरण से मुक्त करना, प्रदेष में 1000 दिनों तक नई आद्यौगिक इकाईयों कां श्रम कानून लागू करने से छूट, प्लेटफार्म, गिग और घरेलू काम में लगे मजदूरों को औद्योग्रिक सम्बंध कोड से बाहर करना, श्रम विभाग को सुगमकर्ता बनाना और निजीकरण जैसी नीतियां देष में श्रम की लूट को अंजाम देने के लिए सरकार की तरफ से लायी जा रही है। इसी के तहत मोदी सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड़ मजदूरों के लिए गुलामी के दस्तावेज है जिनमें संघर्षो से हासिल मजदूरों के अधिकार छीन उन्हें बेसहारा कर दिया गया है। ये बातें आज चार साल पूरा होने पर योगी सरकार के द्वारा श्रमिक कल्याण दिवस के बरखिलाफ वर्कर्स फ्रंट द्वारा मजदूर अधिकार दिवस में अपर श्रमायुक्त विध्यांचल मण्ड़ल कार्यालय, पिपरी पर हुए घरने में वक्ताओं ने कहीं। अपर श्रमायुक्त विध्यांचल मण्डल सरजू राम के माध्यम से वर्कर्स फ्रंट द्वारा मुख्यमंत्री को सम्बोधित मांगपत्र भेजा गया। इस मांग पत्र की एक प्रति अपर मुख्य सचिव श्रम व रोजगार को भी आवष्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।

मुख्यमंत्री को भेजे पत्रक में मांग की गई कि यदि आपकी सरकार श्रमिक कल्याण के प्रति ईमानदार है तो मजदूरों की गुलामी के दस्तावेज नए लेबर कोडों को निरस्त करने के लिए प्रदेश विधानसभा से तत्काल प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजे, 1000 दिनों तक लेबर ला लागू न करने के शासनादेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, लम्बे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत ठेका मजदूरों को नियमित किया जाए और सेवानिवृत्ति के समय उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी, सवैतनिक अवकाश दिया जाए और उनके लिए हर उद्योग में सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित किया जाए, अनपरा तापीय परियोजना में मजदूरों की बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान किया जाए, जनहित में बिजली के निजीकरण को हर हाल में तत्काल रोका जाए और विद्युत संशोधन विधेयक 2021 को निरस्त किया जाए, सोनभद्र के खनन, क्रशर उद्योग में कार्यरत श्रमिकों की जीवन सुरक्षा के लिए उन्हें उ0 प्र0 भवन एवं सनिर्माण बोर्ड में पंजीकृत कर उन्हें सभी हित लाभ दिए जाए, ओबरा ‘सी’ में कार्यरत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से उ0 प्र0 भवन एवं सनिर्माण बोर्ड में पंजीकरण कराया जाए और उनकी न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, बोनस सुनिश्चित किया जाए, चुनावी वायदे के अनुरूप आगंनबाड़ी, आशा व मिड डे मील रसोइया को प्रदेश की न्यूनतम मजदूरी दी जाए और 62 साल पर नौकरी से निकाली गई आगंनबाडियों को पेंशन, ग्रेच्युटी, सवैतनिक अवकाश आदि सेवानिवृत्ति लाभ दिए जाए, काले कृषि कानूनों को रद्द करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने के लिए केन्द्र सरकार को उत्तर प्रदेश सरकार प्रस्ताव भेजे।

कार्यक्रमों का नेतृत्व सोनभद्र में ठेका मजदूर यूनियन अध्यक्ष कृपाशंकर पनिका, मंत्री तेजधारी गुप्ता, वर्कर्स फ्रंट नेता व पूर्व सभासद नौशाद, मजदूर किसान मंच अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद गोंड़, संयुक्त मंत्री मोहन प्रसाद गोविंद प्रजापति, सुमन गोंड़, मंगरू गोंड़ आदि ने किया।


(कृपाशंकर पनिका)

          अध्यक्ष

ठेका मजदूर यूनियन, सोनभद्र

सम्बद्ध यू. पी. वर्कर्स फ्रंट

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