हाईकोर्ट ने मांगा विवरण: महज ₹100 में कैसे तीन बार पौष्टिक भोजन
प्रयागराज। जनहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते समय हाई कोर्ट की डबल बेंच महज ₹100 में कोरोना मरीजों को पौष्टिक भोजन दिए जाने की व्यवस्था पर भी असंतोष जताया है। अपने आदेश में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की बेंच ने स्तर एक, स्तर दो और स्तर तीन के अस्पतालों में भोजन की आपूर्ति की रिपोर्ट का परिशीलन करते हुए कहा है कि पौष्टिक भोजन के लिए महज 100 रुपये प्रति रोगी आवंटित किया गया है। जबकि यह सर्वविदित तथ्य है कि लेवल वन के कोविड रोगियों को अत्यधिक पौष्टिक भोजन की आवश्यकता होती है जिसमें फलों और दूध को शामिल करना चाहिए।
कोर्ट यह समझ नहीं पा रही है कि कैसे प्रति व्यक्ति 100 रुपये बजट में सरकार स्तर एक के अस्पताल में तीन बार भोजन का प्रबंध कर रही है। जबकि इस श्रेणी के अस्पताल में प्रत्येक मरीज के लिए 2100 कैलोरी आवश्यक है। प्रदेश सरकार की तरफ से दाखिल हलफनामे में इसका कोई विवरण ना होने पर असंतोष जताते हुए कहा की कोर्ट लेवल- 1,
लेवल -2 और लेवल -3 अस्पतालों के बारे में मरीजों को भोजन आपूर्ति और उनको मिलने वाले पौष्टिक आहार के बारे में विस्तृत जानकारी चाहती है। यह विवरण प्रत्येक आइटम की कैलोरी की गिनती के साथ होना चाहिए। नोडल अधिकारी को अगली सुनवाई की तिथि पर इसका पूर्ण विवरण लेकर उपस्थित होने के लिए कहा गया।

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