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न्यूज इम्पैक्ट: यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर अवैध खनन में दो के खिलाफ एफआईआर

न्यूज इम्पैक्ट: यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर अवैध खनन में दो के खिलाफ एफआईआर

न्यूज इम्पैक्ट:                                               

म्योरपुर। उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा का निर्धारण करने वाली म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र से गुजरी फागन नदी में हो रहे अवैध बालू खनन के मामले में आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। खनन निरीक्षक  वीरेंद्र सिंह की तहरीर पर  बभनी पुलिस ने छत्तीसगढ़ राज्य के विलासपुर के रहने वालेे रमेश पटेल और हृदय नारायण सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं मेंं प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। हालांकि पांगन नदी में बालू खनन केेे लिए नदी की धारा मोड़ कर बनाए गए रास्ते को अब तक नहीं तोड़ा गया है।                                                        नामजदों पर  छत्तीसगढ़ सीमा से सटे  म्योरपुर ब्लॉक के मंगरु टोला के पास से गुजरी पांंगन नदी के श्मशान तथा कुसमहरा घाट के पास यूपी के हिस्से में आकर बालू का अवैध खनन करने और उसे छत्तीसगढ़ के परमिट पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति करने, नदी की धारा बाधित करने का आरोप है। उनके उपर  खनन अधिनियम  1963 की धारा 3/7 और खनन एवं खनिज  विकास विनियमन 1957 की   धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।                                         



 https://www.headlines24hours.com/2021/05/blog-post_32.html?m=1                    बताते चलें कि गत रविवार को जब यहां पुलिस के साथ खनन, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम स्थलीय जांच करने पहुंची तो नाराजगी जताते-जताते ग्रामीण बिफर से पड़े थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थलीय जांच में अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद तत्काल प्रभाव से श्मशान घाट और कसारा घाट दोनों जगह  खनन को रोकवा दिया गया था। मौके पर  जांच कर रही टीम ने लोगों ने यह स्वीकार किया था कि नक्शा के आधार पर स्थलीय जांच की गई  और इस दौरान पाया गया कि छत्तीसगढ़ की परमिट की आड़ में यूपी के हिस्से में बालू का खनन किया जा रहा है। आसान तरीके से खनन करने के लिए मेड़नुमा सड़क बनाकर नदी की  धारा मोड़ी गई है। उसका आधा हिस्सा यूपी में है।   इसके बाद जांच टीम की तरफ से पुलिस को लिखित पत्र दिया गया कि जब तक यूपी और छत्तीसगढ़ दोनों तरफ की एरिया की संबंधित लेखपालों के द्वारा संयुक्त जांच की कार्यवाही पूरी नहीं कर ली जाती, तब तक यहां खनन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।   जांच टीम एसडीएम खान अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को भी जांच रिपोर्ट भेजी थी। वहां से मामले में एफ आई आर का निर्देश हुआ जिस के क्रम में बुधवार को दो व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। हालांकि अभी तक पांगन नदी में धारा मोड़ कर बनाए गए रास्ते को वैसे ही छोड़़ दिया गया है। ग्रामीणों का कहना हैै कि इसका फायदा उठाकर रोक के बाद भी रात में पोकलेन से बालू निकाला जा रहा है। बता दें कि अवैध खनन को लेकर कुछ पर्यावरण कार्यकर्ताओंं ने उपजिलाधिकारी दुद्धी रमेश कुमार के यहां मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। इसकेे बाद जांच के लिए टीम भेजी गई थी। पांंगन नदी में अवैध खनन का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ग्रामीण और खनन कर्ता इसको लेकर आमने-सामने आ चुके हैं । बावजूद यहां अवैध खनन पर स्थाई रोक नहीं लग पा रही है। मालूम हो कि HEADLINE 24 ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया था। ताजा कार्रवाई को इसी का असर माना जा रहा है।


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