रोजगार के मुद्दे पर युवाओं का सरकार के खिलाफ ट्वीटर वार
-पांच बजे तक एक लाख से ज्यादा #योगी_रोजगार_दो ट्वीट हुए
-लाखों रिक्त पदों पर बिना देरी जारी हो विज्ञापन
-चयनितों की नियुक्ति और लंबित भर्तियों को समयबद्ध किया जाये पूरा
प्रयागराज। प्रदेश के युवाओं ने भी रोजगार के मुद्दे पर योगी सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला। युवा मंच के आवाहन पर #योगी_रोजगार_दो और प्राथमिक शिक्षक अभ्यर्थियों के आवाहन पर #NotifyUPPRTorResignSatishji दिन भर ट्रेंडिंग करता रहा। पांच बजे तक क्रमशः एक लाख और तीन लाख से ज्यादा ट्वीट हुए।
प्रदेश में पांच लाख से ज्यादा रिक्त पड़े पदों को न भरने, लंबित भर्तियों को अधर में लटकाये रखने और चयनित अभ्यर्थियों को जानबूझकर नियुक्ति न देने से युवाओं की प्रदेश सरकार से नाराजगी बढ़ती जा रही है। पांच जून को पुनः युवाओं ने शक्ति प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालत यह है कि अकेले अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में 3-5 साल की समयावधि की आठ भर्तियों की परीक्षा ही नहीं हुई है और कृषि प्राविधिक सहायक, युवा कल्याण अधिकारी, सहित कई भर्तियों के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति को जानबूझकर रोका गया है। प्राथमिक विद्यालयों में 97 रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी करने का आश्वासन दिया गया था लेकिन अब योगी सरकार इन पदों को ही खत्म करने पर आमादा है। कोरोना संक्रमण का हवाला देकर चयन प्रक्रिया के बाधित होने की वजह बताई जा रही है लेकिन अधीनस्थ आयोग में जूनियर इंजीनियर के पांच साल पहले भरे गये आवेदन पर परीक्षा दूर की बात है, पाठ्यक्रम तक जारी किया जा सका है। यहां 24 भर्तियां लंबित हैं इन्हें पूरा करने और रिक्त पदों पर विज्ञापन जारी करने के बजाय भर्तियों को लटकाने और विज्ञापन जारी करने से बचने के लिए पीईटी यह जानते हुए लाया गया कि शेष बचे कार्यकाल में इसकी चयन प्रक्रिया पूरा करना भी संभव नहीं है। इसी तरह तकनीकी संवर्ग में रिक्त पदों को भरने की कोई योजना सरकार की नहीं है, आलम तो यह है कि तकनीशियन लाईन के 4102 पदों के विज्ञापन को बहाल नहीं किया जा रहा है। पारदर्शिता के अभाव और मनमर्जीपूर्ण कार्यप्रणाली से लोक सेवा आयोग से युवाओं में खासी नाराजगी है। यहां बिना वजह एलटी जीआईसी के सामाजिक विज्ञान व हिंदी के चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं दी जा रही है। युवा मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में बेकारी बेकाबू हो रही है और योगी सरकार के पास रोजगार के सवाल को हल करने की कोई योजना नहीं है। दरअसल योगी सरकार का पूरा फोकस प्रोपेगैंडा पर रहता है जोकि जमीनी हकीकत से एकदम अलग है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष 17 सितंबर के ऐतिहासिक आंदोलन की तर्ज पर ही पांच जून को उत्तर प्रदेश का युवा आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं। इसे सफल बनाने के लिए सभी संगठनों से वार्ता जारी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अधिकार के लिए मुहिम को संगठित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जायेगी। आज की मुहिम को युवा हल्ला बोल समेत तमाम संगठनों ने समर्थन किया। अभियान का नेतृत्व युवा मंच के संयोजक राजेश सचान, अध्यक्ष अनिल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य इंजी. राम बहादुर पटेल, प्रयागराज से ईशान गोयल व बीएल चौधरी, चंदौली से आलोक राय, सोनभद्र से सूरज कोल, आजमगढ़ से जय प्रकाश यादव, सीतापुर से नागेश गौतम, हमीरपुर से मुकेश कुमार, झांसी से आकाश दीक्षित, प्रतापगढ़ से मनोज पटेल , ए.के.पाल फतेहपुर, प्रशान्त कुमार प्रधान फैजाबाद, बलराम गुप्ता गोरखपुर, सुमन्त यादव गोरखपुर, नितिन पाल मुजफ्फरनगर, रविन्द्र कुमार गोरखपुर, दीपक मेरठ, रोशन आजमगढ़, अहमद सहारनपुर, सूरज मऊ, विनोद कुमार फैजाबाद, सनी गुप्ता भदोही में नेतृत्व किया। युवाओं ने किसान आंदोलन के समर्थन में भी ट्वीटर हैंडलिंग की।
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