iliegal mining: प्रशासन ने हटवाया यूपी-छत्तीसगढ़ सीमा पर बना रास्ता
सोनभद्र। म्योरपुर ब्लाक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा का निर्धारण करने वाली पांगन नदी में बालू अवैध खनन को लेकर प्रशासन और खनन कर्ताओं में तू डाल डाल मैं पात पात का खेल जारी है। मंगरू टोला के पास कुसहारा और श्मशान खाट पर हो रहे बालू खनन को रोकने के लिए कुछ दिन पूर्व ही प्रशासन ने जेसीबी से रास्ता कटवा दिया था। इसके बाद खनन कर्ताओं ने वहां से कुछ दूरी पर स्थित गुल्लरघाट पर रास्ता बना कर खनन शुरू कर दिया। मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा तो जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार ने जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद बुधवार को जेसीबी लगाकर दूसरी जगह बने रास्ते को भी कटवा दिया। अब नदी में खनन बंद होगा या फिर दूसरी जगह खनन शुरू कर दिया जाएगा? इसको लेकर चर्चाएं जारी रहीं। वहीं प्रशासन ने क्षेत्रीय लेखपालों को पांगन नदी पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि पांगन नदी में अवैध खनन का मामला लंबे समय से गरमाया हुआ है मस्तान घाट पर बालू खनन होने के 2 दिन बाद ही गुल्लर घाट पर खनन शुरू होने की जानकारी मिली तो पहले प्रशासन ने से हल्के मिल गया लेकिन पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने डीएम से लेकर प्रमुख सचिव तक शिकायत भेजी तब प्रशासन फिर से हरकत में आ गया डीएम अभिषेक सिंह के निर्देश पर एसडीएम दुद्धी रमेश कुमार की अगुवाई में राजस्व और वन विभाग की टीम दोपहर में सांगोबांध ग्राम पंचायत के गुल्लरघाट पहुंची। मौके का निरीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों से जानकारी ली अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद जेसीबी मंगा कर तत्काल रास्ता कटवा दिया। यहां के बाद उन्होंने मनरुटोला स्थित शमशान और कुसमहरा घाट से लेकर कट्टी घाट तक की स्थिति जाने और मौके का निरीक्षण किया। कट्टी घाट में यूपी क्षेत्र में कुछ लोगों ने रात में चोरी छुपे खनन किए जाने की शिकायत की एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई की बात कही। क्षेत्रीय लेखपाल को पांगन नदी पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया। पर्यावरण कार्यकर्ता बेचन, रमेश यादव, अमन, कमलेश मिश्रा आदि ने एसडीएम से आगे भी अवैध खनन की शिकायत पर इसी तरह की कार्यवाही बनाए रखने का अनुरोध किया। रेंजर म्योरपुर इमायुलुद्दीन शहजादा, वन दरोगा विजेंद्र सिंह, खनन निरीक्षक, लेखपाल राघवेंद्र दत्त, संतोष यादव, वन रक्षक विद्या पांडेय आदि कार्रवाई टीम में शामिल रहे। बता दें कि अगोरी क्षेत्र में भी सोन नदी कई घाटों पर रात में चोरी छिपे बालू खनन कर जगह-जगह स्टोर किया जा रहा है और करीब ₹4000 प्रति 100 फीट में नजदीक के ही एक कंपनी में बगैर किसी परमिट के आपूर्ति भी किया जा रहा है। चर्चा है कि इस खनन को कुछ पुलिसकर्मी, कुछ वन कर्मियों के साथ ही सत्ता पक्ष के भी कुछ लोगों का संरक्षण है। इसलिए यहां यह खेल जहां बेरोकटोक जारी है वहीं सामान्य व्यक्ति आवाज उठाने से डर रहा है। उधर एसडीएम बुद्धि रमेश कुमार ने बताया कि पागल नदी में अवैध तरीके से बनाया गया रास्ता कटवा दिया गया है। क्योंकि नदी छत्तीसगढ़ सीमा से सटी हुई है। इस कारण रात में चोरी छिपे खनन से इनकार नहीं किया जा सकता लगातार निगरानी करवाई जा रही है। जहां भी शिकायत मिल रही है कार्रवाई हो रही है।

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