Sonbhadra: अजीबोगरीब: बीडीसी निर्वाचन प्रमाण पत्र किसी और को, शपथ दूसरे को
सोनभद्र। चुनाव जीत का प्रमाण पत्र किसी और को दिया और शपथ किसी और को दिलवा दी। जी! यह अजीबोगरीब कारनामा कहीं और का नहीं यूपी के आखिरी छोर पर स्थित सोनभद्र के अफसरों का है। बभनी ब्लाक के घघरी द्वितीय बीडीसी क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद शपथ के समय रिकॉर्ड में स्वयं को हारा देख कामेश्वर ने जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर राज्य निर्वाचन आयोग तक गुहार लगा चुका है लेकिन उसे न्याय मिल पाएगा? यह सवाल फ़िलहाल यक्षप्रश्न बना हुआ है। योगी सरकार के भ्रष्टाचार के मामले में अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति सोनभद्र में अवैध खनन के साथ ही कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पहले से सवालों के घेरे में है। वही पंचायत चुनाव में भी मतगणना के समय ही धांधली के आरोप लगने लगे थे। जिला पंचायत की तीन चार सीटों पर ऐन वक्त पर बदले परिणाम के लिए मतगणना में गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया गया लेकिन बभनी ब्लाक में जीत का प्रमाण पत्र देने के बाद भी परिणाम उलट देने का मामला प्रकाश में आने के बाद हर कोई हैरत में है। पीड़ित कामेश्वर ने जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य को भेजे पत्र में कहा है कि पंचायत चुनाव की मतगणना तीन मई को कराई गई थी। इस दौरान कुल 258 मत प्राप्त हुए थे। निकटतम प्रतिद्वंदी शिवकुमार को 205 वोट मिले थे। इसके परिणामस्वरूप उसे 50 वोटों से विजयी घोषित कर रिटर्निंग आफिसर ने विजयी होने का प्रमाण पत्र भी प्रदान किया था। उसका आरोप है कि बाद में रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर
दूसरे नंबर पर रहे शिवकुमार को विजयी घोषित कर दिया गया। शपथ ग्रहण के दिन जब उसे इस बात की जानकारी हुई तो भौंचक रह गया। सवाल उठता है कि एक बीडीसी निर्वाचन क्षेत्र से दो व्यक्तियों को जीत का प्रमाण पत्र कैसे प्रदान किया जा सकता है? अगर किसी एक को प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया गया तो फिर किस नियम और व्यवस्था के तहत उसी निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे व्यक्ति को बाद में विजयी घोषित कर दिया गया? मतगणना परिणाम के बाद मतों की संख्या स्पष्ट करने के बाद भी उस में हेरफेर किन परिस्थितियों में संभव है? जैसे सवालों ने जहां निर्वाचन व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। वहीं कई अफसर इसको लेकर सवालों के घेरे में आ गए हैं बड़ा मसला यह है कि इस मामले की सही तरीके से जांच होती है या फिर जांच के नाम पर अन्य कई मामलों की तरह इसे भी फाइलों में ही दबा दिया जाता है।



0 Response to "Sonbhadra: अजीबोगरीब: बीडीसी निर्वाचन प्रमाण पत्र किसी और को, शपथ दूसरे को"
एक टिप्पणी भेजें