पर्यावरण पर संकट मानव के लिए भारी, जीवनशैली में करें बदलाव
-वेबीनार के जरिए पर्यावरण वैज्ञानिकों ने व्यक्त किए विचार सोनभद्र। जिले में व्याप्त प्रदूषण और मनुष्य पर उसको लेकर पढ़ते दुष्प्रभाव के मसले पर सोमवार को आगा खान फाउंडेशन
की तरफ से एक वेबीनार का आयोजन किया गया। इसमें पर्यावरण संरक्षण पर जोर देने के साथ कहा गया कि अगर पर्यावरण संकट में आया मानव को इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। जल जंगल जमीन बचाने के लिए लोगों में व्यापक तौर पर आपसी जागरूकता की जरूरत जताई गई। वैज्ञानिकों ने कहा कि सोनभद्र जैसी जगह पर जहां प्रदूषण बड़ी समस्या बन चुका है। उससे निबटने के लिए जीवन शैली में बदलाव करना पड़ेगा। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. विनोद तारे कहा कि जल जंगल जमीन को प्रकृति के मूल स्वरूप में रखने से ही पर्यावरण संरक्षित और मानव जीवन को सुरक्षित रखा जा सकता है। भौतिकवादी सोच ने पर्यावरण से काफी छेड़छाड़ की है और कई प्राकृतिक सौगातों को हमसे छीन लिया है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि प्रदूषण का कारण बनने वाली वस्तुओं सेवाओं पर निर्भरता कम की जाए और ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण बढ़ाया जाए। प्रशासनिक सेवा से जुड़े डॉ. हीरालाल (आईएएस) ने कहा कि जल, जमीन और जंगल का दोहन करने से पहले सभी लोगों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। अन्यथा पारिस्थितिक तंत्र की बिगड़ी स्थिति बेहद भयावह परिणाम देगी। हैदराबाद के डॉ. श्रीकांत और नागेंद्र ने कहा कि मनुष्य को प्रकृति से नजदीकी बढ़ानी चाहिए। इससे जहां पौधरोपण को बढ़ावा मिलेगा। वहीं प्रकृति से छेड़छाड़ कर भौतिकवादी सुविधाओं में वृद्धि की सोच पर भी अंकुश लग सकेगा। फाउंडेशन की टीम का प्रदेश स्तर पर नेतृत्व कर रहे जयराम पाठक ने आभार प्रकट करते हुए कहा कि वर्तमान जीवन शैली जिस रास्ते पर है। उससे धीरे-धीरे मानव जीवन संकट में पड़ता जा रहा है। कहा कि हमने धरती को प्रदूषण की आग में झोंक दिया है। बिजली उत्पादन के लिए जलने वाले कोयले और उससे निकलने वाले जहरीले रासायनिक तत्वों ने मनुष्य के जीवन को खतरे में डाल दिया है। संचालन कर रहे डॉ. असद उमर ने फाउंडेशन के क्रियाकलाप की जानकारी देने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण पर जोर डाला। विवेक अवस्थी, डॉ . वाइके सिंह, डॉ आरबी सिंह, डॉ. उमा शंकर, जगतनारायण विश्वकर्मा, नियति त्रिपाठी , प्रमोद कुमार ने जनपद में प्रदूषण की खराब स्थिति बताते हुए बड़े स्तर पर जन जागरूकता की जरूरत बताई।
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