ओबी कम्पनी बीजीआर डेको कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर लगा गैर इरादतन हत्या का आरोप
ओबी कम्पनी बीजीआर डेको कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर लगा गैर इरादतन हत्या का आरोप
अनपरा/सोनभद्र - एनसीएल बीना परियोजना में ओबी का कार्य कर रही बीजीआर डेको के प्रोजेक्ट मैनेजर पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाते हुए बासी निवासी मीना देवी ने पुलिस अधीक्षक सहित मुख्य मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।मुख्यमंत्री व पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में बासी निवासी मीना यादव ने आरोप लगाया है कि एनसीएल बीना परियोजना में ओबी का कार्य करा रही बीजीआर कम्पनी प्रन्धन की हठधर्मिता व लापरवाही से उनके पति राम प्रसाद यादव जो बीजीआर डेको में विस्थापित कोटे से चालक के पद पर कार्यरत थे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि 4 अगस्त को कम्पनी के कैम्प में वेक्सिनेशन कैम्प लगाया गया था जहाँ उनके पति ने भी वैक्सीन लगवाई थी।
वैक्सिन लगने से उनको फीवर व कमजोरी महसूस हुई जिस पर उन्होंने कम्पनी से छुट्टी मांगी पर प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण कुमार कार्तिक सिंह और एच आर हेड धीरज उपाध्याय ने छुट्टी देने से मना कर दिया और लगातार जबरन 20 दिन तक काम करवाते रहे, जब उसकी हालत नाजुक हो गई तो कम्पनी ने राम प्रसाद को आनन फानन स्थानीय चिकित्सालय मे भर्ती कराया हालत गम्भीर देखते हुये डाक्टर ने जिला चिकित्सालय के लिऐ रेफर कर दिया , परिजनो ने जब उसे लेकर जिला अस्पताल रॉबर्ट्सगंज पहुंचे तो जिला अस्पताल ने बीएचयू वाराणसी रेफर कर दिया जहा 8 सितंबर 2021 को राम प्रसाद की मौत हो गई।
इतना ही नही मैनेजर अरुण कुमार कार्तिक सिंह व एचआर हेड ने मरे हुए अपने ड्राइवर के परिजनों को मुअवजा न देना पड़े इसलिए एक गहरी साजिश रच डाली। कम्पनी ने मरे हुए राम प्रसाद का 15 सितंबर 2021 को दूधिचुआ सिंगरौली में राम प्रसाद को ऑनलाइन वैक्सीन की पहली खुराक देने का रिकार्ड अंकित करा दिए। राम प्रसाद की हालत बिगड़ने के बाद भी अरुण कुमार कार्तिक सिंह और धीरज उपाध्याय ने जबरन गैर इरादतन हत्या करने की नीयत से राम प्रसाद से कम्पनी में बोल्बो डम्फर चलवाया फिर उसकी मृत्यु के बाद कूटरचना और धोखा धड़ी कर उसका वैक्सिनेशन रिकार्ड बदलवाया।
मृतक राम प्रसाद यादव की विधवा मीना देवी के अधिवक्ता और सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने कहा है कि दोषियों के विरुद्ध शक्तिनगर पुलिस गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी, कूटरचना का मुक़दम्मा लिखकर पीड़िता को न्याय दिलाये अन्यथा पीड़िता को अदालत से न्याय दिलाया जाएगा।
Nyaay hona chahiye
जवाब देंहटाएंPidita ko insaf karo